Adani Bribery Case: देश के सबसे बड़े वकीलों ने संभाला मोर्चा …

Adani bribery case : गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अदानी समेत 7 लोगों पर अमेरिका में लगाए गए रिश्वतखोरी के आप पर अदानी ग्रीन एनर्जी का बड़ा बयान आया है, जिसमें इस तरह के दावों को सिरे से खारिज किया गया है अभी-अभी कंपनी ने बयान जारी कियाI

Gotam adani

 

भारतीय अरबपति गौतम अडानी(Gautam Adani) और उनकी कंपनी पर लगाए गए आरोपों पर अदानी ग्रुप की कंपनी अदानी ग्रीन एनर्जी(Adani green energy) की ओर से बड़ा बयान आया है जिसमें कहा गया है की रिश्वतखोरी के आप से जुड़ी खबरें निराधार और गलत है अमेरिकी भ्रष्टाचार प्रेक्टिस एक्ट (FCPA) के तहत आरोप लगाए जाने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है और Gautam Adani (गौतम अडानी) उनके भतीजे सागर अदानी या विनीत जैन पर यूएसडीओजी(US DOJ)के अभियोग या (US SEC) की सिविल शिकायत शिकायत में निर्धारित मामले में एफपीए के किसी भी उल्लंघन का आरोप नहीं लगा है इस मामले में अब देश के सबसे बड़े वकील में से एक और पूर्व अटार्नी जनरल मुकुल रोहतक की ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा है कि अमेरिकी जांच में जो आरोप पत्र है उसमें गौतम अडानी पर आप नहीं लगाए गए हैं

Adani green की ओर से आई सफाई

अदानी ग्रीन की ओर से यह जानकारी बुधवार को स्टॉक एक्सचेंज फीलिंग में दी गई है इसमें कहा गया है किGautam Adani (गौतम अडानी) सागर अडानी और विनीत जैन पर नहीं बल्कि अमेरिकी न्याय विभाग की अभियोग के केवल Azure  और CDPQ अधिकारियों पर रिश्वतखोरी का आरोप  लगाया गया और अडानी ग्रुप की कंपनियों के अधिकारियों परिषद कोरी या भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाली सभी रिपोर्ट गलत दावे किए गए हैं

https://youtu.be/3GL5W_yhnxsGautam Adani

क्या है पूरा मामला?

बता दे न्यूयॉर्क के फेडरल कोर्ट में सुनवाई के दौरान Gautam Adani गौतम अडानी की कंपनी पर उस में निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने और एक सोलर एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को मोटा रिश्वत देने का आरोप लगाया गया आप की 2020 से 2024 के बीच अदानी ग्रीन और क्लोज पावर ग्लोबल को यह सोलर प्रोजेक्ट दिलाने के लिए गलत रूट से भारतीय अधिकारियों को 256 मिलियन डॉलर करीब 2236 करोड रुपए की रिश्वत दी गई कंपनी यानी कि क्लोज पावर ग्लोबल से छुपाई गई इस कॉन्ट्रैक्ट के जरिए 20 साल में दो अरब डॉलर से ज्यादा मुनाफा का अनुमान लगाया गया है और इसका लाभ लेने के लिए झूठे दावे करने करते हुए अदानी ग्रुप ने अमेरिकी जांच एजेंसी को आप को सीधे से खारिज कर दिया था और कहा था कि आरोप निराधार है ग्रुप पर हर फैसला कानून के दायरे में लेता हैI

 

मुकुल रोहतकीय ने क्या कहा?

मामले को लेकर बुधवार को पूर्व अटार्नी जनरल और वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि मैं अदानी ग्रुप के प्रवक्ता के तौर पर नहीं बोल रहा हूं लेकिन इस पूरे अभियोग में पांच आप या धारा शामिल है जिसमें एक धारा और पांच सबसे ज्यादा एम है और दोनों में ही Gautam Adani और उनके भतीजे सागर अदानी पर आप नहीं लगाए गए मुकुल रोहतगी ने आगे कहा कि Gautam Adaniगौतम अडानी या सागर अदानी दोनों पर ही एफपीए के तहत आरोप नहीं लगे हैं जो भारत के भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत हैं धारा 5 के तहत जो आरोप लगाए गए हैं इनमें इन दोनों का नाम नहीं बल्कि कुछ विदेशी युवतियों का नाम है

 

आरोप पत्र में किन विदेशी नागरिकों के नाम?

वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी के मुताबिक आरोप पत्र में यह स्पष्ट रूप से बताना होता है कि उसे व्यक्ति ने ऐसा कृत किया है जिस तरह के आरोप लगाए गए हैं कि Adani की ओर से भारतीय संस्थानों को रिश्वत दी गई है लेकिन आरोप पत्र में एक भी नाम नहीं दिख रहा है और ना ही यह दिखाया गया है कि किस तरह से उन्हें रिश्वत दी गई यह किस विभाग से संबंधित है उन्होंने कहा कि मुझे यकीन है कि Gautam Adani  (गौतम अडानी )और उनकी कंपनी अमेरिका वकीलों से संबंध में कानूनी सलाह लेंगे अकाउंट 1 और 5में कई अन्य संस्थाओं के नाम को शामिल किया गया है यह अडानी की ओर से स्पष्ट करना है कि वह व्यक्तियों से जुड़े हैं या नहीं

 

महेश जेठमलानी बोले कोई सबूत नहीं

अदानी के खिलाफ रिश्वत खिलाने के आरोप के मुद्दे पर वरिष्ठ वकील महेश जेठमल ने अपनी राय रखी और कहा कि अभियोग पत्र में भारत के किसी भी रिश्वतखोरी की बात नहीं की गई आप केवल यह है की रिश्वत देने की साजिश रची गई थी भारत में कानून के उल्लंघन का कोई सबूत पेश नहीं किया गया जेठमलानी ने आगे कहा किGautam Adani  (गौतम अडानी) या अदानी ग्रीन में से किसी के खिलाफ अभियोग पत्र में कोई आप नहीं लगाया गया यह यह पूरा मामला अदानी ग्रीन एनर्जी द्वारा बॉन्ड जारी करने के बारे में है कथित तौर पर उल्लंघन यह है कि बंद कारकों को सूचित किए बिना इन्हें जारी किया गया था और इसे भारत के नियमों का उल्लंघन बताया जा रहा है इनमें इसके अलावा मामला यह है कि अपने भारत में लोगों को इन बोर्ड की सदस्य लेने के लिए प्रेरित किया लेकिन भारतीय कानून के किसी भी उल्लंघन के बारे में ना तो कांग्रेस ने कोई सबूत दिए और ना ही किसी अन्य ने कोई सबूत दिए

 

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